चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी प्रखंड अंतर्गत बासाहातु स्थित संचार वृद्धाश्रम में शुक्रवार को एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल, पश्चिमी सिंहभूम की ओर से महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र जामुदा ने किया। इस दौरान महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों पर प्रकाश डाला गया।
महेंद्र जामुदा ने कहा कि अहिंसा मानवता की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने गांधी जी के विचारों को साझा करते हुए कहा कि कमजोर व्यक्ति क्षमा नहीं कर सकता, जबकि क्षमा करना ताकतवर लोगों की विशेषता है। उन्होंने कहा कि जहां प्रेम है, वहीं जीवन है। महात्मा गांधी ने बैरिस्टर का काम छोड़कर विदेशी वस्त्रों का त्याग किया और सादा जीवन अपनाते हुए लोगों को अहिंसा के रास्ते पर चलने की सीख दी। इसी कारण पूरी दुनिया उन्हें बापू के नाम से जानती है।
कार्यक्रम में एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक शर्मा ने कहा कि आज के युवा मुख्यधारा से भटकते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी संतान के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर देते हैं, लेकिन उम्र के उस पड़ाव पर जब उन्हें अपने बच्चों की जरूरत होती है, कई बार उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है या वृद्धाश्रम पहुंचा दिया जाता है। कुछ मामलों में संपत्ति के लिए बुजुर्गों की मृत्यु का इंतजार करने जैसी स्थिति भी सामने आती है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
विवेक शर्मा ने लोगों से अपील की कि अपने घर के बुजुर्गों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करें। उन्होंने कहा कि लोगों को समय निकालकर वृद्धाश्रम जैसे संस्थानों में रहने वाले बेसहारा और असहाय बुजुर्गों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
गांधी जयंती के अवसर पर एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के बीच बिस्किट और केले का वितरण किया। वहीं, संचार समिति के सदस्यों को चावल, सोयाबीन, चना, दाल, मुड़ी, सरसों तेल सहित अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के सदस्य विवेक मोदी, सदाशिव खत्री, राजकिशोर ठाकुर, टी मनोज, नीलांबर पान, विशाल शर्मा, राकेश पांडे, शैलेंद्र पान और मनमोहन गोप सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

