Breaking
Tue. Sep 29th, 2026

*एसपीजी बालक उच्च विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को दी कानून की जानकारी*

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में मंगलवार को एसपीजी बालक उच्च विद्यालय चाईबासा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को बाल विवाह, नशा मुक्ति और जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में पीएलवी हेमराज निषाद ने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़कियों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चों को कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बाल विवाह करना या करवाना कानूनन अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

पीएलवी सूरज कुमार ठाकुर ने विद्यार्थियों को नशा उन्मूलन और नशा मुक्ति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। धूम्रपान और शराब सहित अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि नशे की लत से परेशान लोग नशा मुक्ति केंद्रों की सहायता ले सकते हैं। सरकार की ओर से भी नशा मुक्ति को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

शिविर के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी गई। इसमें पुलिस हेल्पलाइन 100 और 112, एंबुलेंस 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930, नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा अग्निशमन हेल्पलाइन 101 शामिल हैं। विद्यार्थियों से अपील की गई कि जरूरत पड़ने पर इन नंबरों का उपयोग करें और अपने आसपास के लोगों को भी इनके बारे में जानकारी दें।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्वेता तिर्की, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पीएलवी सूरज कुमार ठाकुर, हेमराज निषाद, रेणु देवी और जया कुमारी रवि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Related Post