जमशेदपुर। मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, जमशेदपुर में मंगलवार को बीएड प्रशिक्षु शिक्षकों के इंटर्नशिप कार्य के सफल समापन पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय के अध्यक्ष अखिलेश दुबे, सचिव ललन प्रसाद रॉय, प्रधानाचार्या संगीता सिंह, उप-प्रधानाचार्या राखी मित्रा तथा जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एवं प्रशिक्षु शिक्षकों की सुपरवाइजर डॉ. त्रिपुरा झा मौजूद रहीं। विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी भी समारोह में शामिल हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. त्रिपुरा झा ने कहा कि शिक्षक के जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की विशेष भूमिका होती है। उन्होंने प्रसिद्ध हिंदी कहानी ‘नमक का दरोगा’ का उदाहरण देते हुए प्रशिक्षु शिक्षकों को समझाया कि ईमानदारी का महत्व केवल शिक्षण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसकी आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें अच्छे संस्कार, मानवीय संवेदनाएं और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है।
सचिव ललन प्रसाद रॉय और प्रधानाचार्या संगीता सिंह ने प्रशिक्षु शिक्षकों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान प्राप्त व्यावहारिक अनुभव भविष्य में एक बेहतर शिक्षक बनने में सहायक होंगे। प्रशिक्षु शिक्षकों को विद्यालय में सीखी गई शिक्षण पद्धतियों और अनुभवों को अपने भावी कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित किया गया।
विदाई समारोह के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बिताया गया इंटर्नशिप का समय उनके लिए सीखने, नए अनुभव हासिल करने और यादगार पलों से भरा रहा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पाठ योजना तैयार करने, कक्षा संचालन, कक्षा प्रबंधन, विभिन्न शिक्षण गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के साथ प्रभावी संवाद का व्यावहारिक अनुभव मिला। अंत में भावपूर्ण माहौल में प्रशिक्षु शिक्षकों ने विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विदाई ली।

