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पाकिस्तानी खाते से 300 करोड़ आने का झांसा देकर 4.50 लाख की ठगी, आगरा से दो साइबर आरोपी गिरफ्तार

बोकारो। साइबर अपराधियों ने महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बनकर गोमिया की एक महिला को उसके पति के खाते में पाकिस्तान से 300 करोड़ रुपये आने और 16 लाख रुपये कमीशन मिलने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया और 4.50 लाख रुपये ठग लिए। बोकारो साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश के आगरा से दो कथित साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आगरा के नगला हरमुख निवासी रवि कुमार (23) और खेरागढ़ निवासी ऋतिक कुशवाहा (21) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से आईफोन-15 और 256 जीबी का नथिंग फोन (3ए) बरामद किया है। पुलिस के अनुसार दोनों मोबाइल फोन की जांच में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन से संबंधित ऑडियो और मैसेज के साक्ष्य मिले हैं।

मामला बोकारो साइबर थाना कांड संख्या 08/2026 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार 13 मार्च 2026 को गोमिया थाना क्षेत्र की पुष्पलता त्रिपाठी को साइबर अपराधियों ने फोन किया था। कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके पति गिरिश दत्त त्रिपाठी के बैंक खाते में पाकिस्तान से 300 करोड़ रुपये अवैध रूप से आए हैं। अपराधियों ने यह भी दावा किया कि उनके पति को इस रकम के बदले 16 लाख रुपये कमीशन मिला है। इसके बाद परिवार को कानूनी कार्रवाई और पति को डिजिटल अरेस्ट किए जाने का डर दिखाया गया। भयभीत महिला से अलग-अलग माध्यमों से कुल 4.50 लाख रुपये की रकम ठग ली गई।

घटना की शिकायत मिलने के बाद बोकारो पुलिस ने बैंक लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी सह थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम आगरा पहुंची और छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल में मिले ऑडियो और संदेश साइबर ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े अहम साक्ष्य हो सकते हैं। मामले में आरोपियों से पूछताछ के साथ आगे की जांच जारी है।

साइबर थाना बोकारो की ओर से ठगी की रकम वापस कराने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) के माध्यम से विभिन्न मामलों में कुल 4,30,009 रुपये की राशि पीड़ितों को वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इसमें 16 खाताधारकों को कुल 1,50,957 रुपये लौटाए गए हैं, जबकि कांड संख्या 35/2026 में प्रवीण कुमार के एचडीएफसी बैंक खाते में 2,79,052 रुपये वापस कराए गए हैं। छापेमारी टीम में पुअनि गौरव गोयल, पुअनि प्रमोद कुमार पंडित, पुअनि रमेश कुमार, आरक्षी रितेश कुमार और आरक्षी सुनील मंडल शामिल थे। पुलिस ने बताया कि तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर राज्य से बाहर कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। टीम को पुरस्कृत करने की भी अनुशंसा की गई है।

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