जमशेदपुर। भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली रामलीला को लेकर शुक्रवार को रामलीला मैदान में विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया। धार्मिक वातावरण के बीच वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ रामलीला आयोजन की तैयारियों का शुभारंभ हुआ। समिति के सदस्यों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और बजरंगबली का स्मरण करते हुए सफल आयोजन की कामना की।
रामलीला समिति की ओर से आयोजित भूमि पूजन में अनिल चौबे, दिलीप तिवारी, प्रदीप चौधरी, अवधेश मिश्रा, योगेंद्र सिंह और मनोज मिश्रा सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। पूजा के दौरान रामलीला मैदान में धार्मिक माहौल बना रहा। समिति के सदस्यों ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के जीवन, उनके त्याग, सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्य के संदेश को समाज तक पहुंचाने का माध्यम है।
समिति के अनुसार इस वर्ष रामलीला का आयोजन 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक रामलीला मैदान में किया जाएगा। आयोजन के दौरान रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इसमें भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर वनवास, सीता हरण, भगवान हनुमान की भक्ति, लंका दहन, राम-रावण युद्ध और विजय के बाद अयोध्या वापसी जैसे प्रसंगों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
रामलीला को लेकर मैदान में पंडाल, मंच और सजावट की तैयारियां भी शुरू की जा रही हैं। पंडाल और साज-सज्जा का कार्य सौरभ टेंट डेकोरेशन की ओर से किया जाएगा। समिति की ओर से श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने की तैयारी की जा रही है।
समिति के सदस्यों ने कहा कि रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से रामलीला में शामिल होकर धार्मिक आयोजन का लाभ लेने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया।

