जमशेदपुर: मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार की टक्कर में चार लोगों की मौत की घटना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता सतबीर सिंह सुमो ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
सतबीर सिंह सुमो ने कहा कि सड़क पर किसी वाहन के खराब होने की स्थिति में उसे तत्काल क्रेन या रिकवरी वाहन की मदद से सुरक्षित स्थान पर हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित मार्ग पर टोल वसूला जाता है, तो सड़क सुरक्षा, आपातकालीन सहायता और खराब वाहनों को हटाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने जमशेदपुर की विभिन्न सड़कों पर लंबे समय से खड़े भारी वाहनों और सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक मरीन ड्राइव, बर्मामाइंस, टिनप्लेट-बारीडीह समेत शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे भारी वाहन खड़े रहते हैं। कई जगह सड़क पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
सुमो ने कहा कि भुईयांडीह बस स्टैंड से लेकर एमजीएम अस्पताल और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी भारी वाहनों के सड़क किनारे खड़े रहने की समस्या बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क किनारे खड़े इन वाहनों और खराब सड़क व्यवस्था पर प्रशासन की नियमित निगरानी क्यों नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि चलती गाड़ियों का चालान काटना आसान है, लेकिन सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े खतरनाक भारी वाहनों और सड़क की खामियों के खिलाफ कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।
ट्रक कितनी देर से खड़ा था, इसकी जांच की मांग
सतबीर सिंह सुमो ने मांग की कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि दुर्घटना में शामिल ट्रक सड़क पर कितनी देर से खड़ा था, उसकी मौजूदगी की जानकारी संबंधित विभाग या एजेंसी को थी या नहीं और अगर जानकारी थी तो उसे समय रहते सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं हटाया गया।
उन्होंने कहा कि चार परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है। ऐसे में केवल आश्वासन देने के बजाय घटना की जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग की मांग
सुमो ने मरीन ड्राइव, गोलमुरी, टेल्को, टिनप्लेट, बर्मामाइंस और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग या स्टैंड की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को तत्काल हटाया जाना चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रहने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो।
उन्होंने टिनप्लेट से बारीडीह तक सड़क किनारे बड़ी संख्या में खड़े भारी वाहनों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक ये वाहन कई स्थानों पर यातायात में बाधा बनने के साथ सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
टोल वसूली के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर
सतबीर सिंह सुमो ने कहा कि जहां टोल वसूला जाता है, वहां सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सहायता की जिम्मेदारी भी स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की सड़कों को केवल बेहतर और सुंदर बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित बनाना भी जरूरी है। सुमो ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और टाटा कंपनी की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनआंदोलन किया जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।

