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Wed. Sep 9th, 2026

*आदिवासी संस्कृति, परंपरा और पूर्वजों की विरासत को सहेजने की दिशा में पहल*

चाईबासा: आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को सहेजने की दिशा में हो समाज की ओर से बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा स्थित सरना चौक में दीरी बिड का कार्य किया गया। आदिवासी हो समाज महासभा के बैनर तले समाज के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और पंचायत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पत्थर स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

बताया गया कि करीब 22 वर्ष पूर्व गोइलकेरा-सेरेंगदा मार्ग पर राज्य खाद्य निगम गोदाम के समीप समाज के लोगों ने सरना चौक की स्थापना की थी। इसके बाद से यह स्थान आदिवासी समाज के लिए एक अलग पहचान रखता है। अब सभी की एकजुटता और सामूहिक प्रयास से यहां दीरी बिड का कार्य पूरा किया गया है।

समाज के लोगों के अनुसार दीरी बिड केवल पत्थर स्थापित करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा और पूर्वजों की विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में मदद मिलेगी। सरना चौक में स्थापित दीरी बिड क्षेत्र में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना और गौरवशाली पहचान का स्थायी प्रतीक बनेगा।

दीरी बिड के कार्य के दौरान कई टन वजनी पत्थर को हाइड्रा की मदद से स्थापित किया गया। इस दौरान गोइलकेरा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान किया।

श्रमदान करने वालों में जिला परिषद सदस्य ज्योति मेराल, मुखिया डॉक्टर दिनेश चंद्र बोयपाई, सुनीता मेराल, गणेश बोदरा, सोमबारी बहान्दा और जोंको अंगरिया शामिल रहे। मानकी मुंडा संघ की ओर से कृष्णा डांगिल, बैजनाथ कोन्डांग और महेन्द्र बांकिरा ने भी भाग लिया।

इसके अलावा आदिवासी हो समाज महासभा के प्रखंड अध्यक्ष पातोर जोंको, रमेश सुरिन, पटेल मेराल, सोनाराम कोड़ा, घासीराम पाड़ेया, मलकेन्द्र अंगरिया, डेविट मेराल, सुखलाल डांगिल, लक्ष्मण पुरती, बिमल तियू, रमेश बोदरा, बामिया सुरिन, जमदार चाम्पिया, राणा प्रताप सिंह अंगरिया, बसंती मेलगान्डी, निरंजन बोयपाई, मानमोहन बोदरा, गणेश जोंको, लालचांद, हेम्ब्रोम, विकास अंगरिया समेत बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने श्रमदान कर अपनी भागीदारी निभाई।

दीरी बिड का भव्य अनावरण आगामी 19 सितंबर को ब्हारङ क्षिति लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती के अवसर पर किया जाएगा। आयोजन को लेकर समाज के लोगों में उत्साह है।

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