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Wed. Sep 9th, 2026

पोटका में तीन एकड़ से अधिक सरकारी जमीन की कथित खरीद-बिक्री की जांच शुरू

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड की धीरोल पंचायत अंतर्गत बांगो टोला नूतनडीह में तीन एकड़ से अधिक सरकारी जमीन की कथित खरीद-बिक्री का मामला सामने आने के बाद अंचल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर बुधवार को पोटका की अंचलाधिकारी निकिता बाला अंचल कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं और विवादित भूमि का स्थल निरीक्षण कराया। इसके साथ ही जमीन की मापी का काम भी शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निजी जमीन की खरीद-बिक्री की आड़ में आसपास स्थित सरकारी भूमि को भी निजी संपत्ति के रूप में दर्शाकर बिक्री करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक बांगो गांव के बलराम गोप, ज्ञान गोप, शंभू गोप, नीलकंठ गोप, आनंद गोप और आंतंगिनी बंगालिन ने अपनी निजी जमीन जमशेदपुर निवासी एक अधिकारी की चिकित्सक पत्नी के नाम बिक्री की है। आरोप है कि इस लेन-देन के दौरान निजी भूखंड से सटी सरकारी जमीन को भी निजी भूमि का हिस्सा बताकर बेचने की कोशिश की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि निजी भूखंड की खरीद के बाद उसके आसपास मौजूद सरकारी जमीन की घेराबंदी भी की जा रही है। इससे सरकारी भू-संपत्ति पर कब्जे की आशंका जताई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद अंचल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल पर जांच शुरू की है। अंचल टीम दस्तावेजों में दर्ज भूमि के रकबे और सीमांकन का मौके पर मौजूद वास्तविक स्थिति से मिलान कर रही है।

अंचलाधिकारी निकिता बाला ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मापी और दस्तावेजों की जांच के दौरान यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भूमि की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल अंचल प्रशासन की ओर से जमीन की मापी और कागजातों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित क्षेत्र में कितनी भूमि सरकारी है और सरकारी जमीन की कथित खरीद-बिक्री अथवा घेराबंदी में किन लोगों की भूमिका रही है।

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