बोकारो। बोकारो जिला फेयर प्राइस शॉप डिलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष हरिनंदन प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य के राशन डीलरों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से डीलरों में भारी नाराजगी है। उन्होंने बताया कि जन वितरण प्रणाली में एनआईसी (NIC) सर्वर की खराब व्यवस्था के कारण लाभुकों और राशन डीलरों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सर्वर की तकनीकी समस्याओं से राशन वितरण बाधित होता है और लाभुक समय पर खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पाते। उन्होंने सरकार से एनआईसी व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अलग शिकायत प्रकोष्ठ गठित करने की मांग की।
हरिनंदन प्रसाद सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पेपरलेस संचालित करने के निर्देश को झारखंड सरकार अविलंब लागू करे। साथ ही, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत 14 माह का कमीशन, कोरोना काल की पीएमजीकेएवाई योजना का आंशिक कमीशन तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का बकाया कमीशन जल्द भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि कमीशन ही डीलरों की आजीविका का एकमात्र साधन है, लेकिन भुगतान के लिए उन्हें महीनों तक विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 सितंबर 2026 तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 1 अक्टूबर 2026 को राज्यभर के राशन डीलर राजभवन के समक्ष राज्यव्यापी धरना देंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर फेडरेशन “कमीशन नहीं तो वितरण नहीं” आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।
बैठक में वरीय उपाध्यक्ष हितेश झा, महामंत्री भुवनेश्वर सिंह, उपाध्यक्ष उष्मान अंसारी, नारायण शर्मा, राजेंद्र रजक, निरंजन सिंह चौधरी, मिथिलेश जायसवाल, सचिव गोपाल नायक, अनवर अंसारी, वशिष्ठ सिंह चौधरी, सचिन्द्र कुमार सिंह, सह सचिव अर्जुन रविदास, जगदीश महतो, सन्नी सिंह, संगठन सचिव अवधेश राम, विजय रजक, भक्तु मांझी, दीपक कुमार झा सहित राजेश्वर प्रसाद सिंह, रावत महतो, रऊफ वकील, नंद किशोर मेहता, अरुण कुमार नायक, गौरी शंकर वर्णवाल, सुदेश साव, कोलेश्वर पासवान, एनुल अंसारी, रामचंद्र हांसदा, महेश प्रसाद सिंह, राजाराम महथा, दिलीप रजवार, लखी राम दास, निताय चंद्र महंत, लाल मोहन मांझी, राम मोहन राय, कृष्णा राय, राम किंकर झा, प्रकाश साव एवं कृपा शंकर जायसवाल सहित बड़ी संख्या में राशन डीलर उपस्थित थे।
30 सितंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो 1 अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन : हरिनंदन प्रसाद सिंह

