*चतरा : शहर में महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और उनके पति सहायक अवर निरीक्षक टीपू अंसारी पर नाबालिग बच्ची को सरकारी आवास में रखकर बाल मजदूरी कराने, मारपीट और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने सदर थाना परिसर स्थित दारोगा दंपती के सरकारी आवास से बच्ची को बरामद किया। बच्ची के चेहरे पर चोट के कई निशान पाए गए। इसके बाद उसे संरक्षण के लिए पकरिया स्थित बालिका आश्रय गृह भेज दिया गया।
मामले को लेकर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन नर्मदेश्वर सिंह ने सदर थाना में आवेदन दिया। इसके बाद एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने मामले की जांच की और रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और एसआई टीपू अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले में विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
*दंपती ने आरोपों को बताया साजिश*
वहीं, महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि नाबालिग बच्ची से कोई घरेलू काम नहीं कराया जा रहा था। बच्ची की मां उनके घर में साफ-सफाई और अन्य घरेलू कार्य करती थी तथा बच्ची अपनी मां के साथ रहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से साजिश के तहत इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।

