चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र के बिरसानगर स्थित चौराहे पर रविवार को बच्चों को नशे की लत और गलत संगत से दूर रखने को लेकर ग्रामीणों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य बच्चों को गलत गतिविधियों से बचाकर शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। बैठक की अध्यक्षता ठाकुरा गांव के मुंडा बुधराम चाम्पिया, समाजसेवी प्रशांत चाम्पिया और बबलू चाम्पिया ने की।
बैठक में अभिभावकों को जागरूक करते हुए कहा गया कि कम उम्र के कई बच्चे गलत संगत में पड़कर नशे और अन्य गतिविधियों की ओर बढ़ रहे हैं। इसका उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों और उनकी संगत पर विशेष नजर रखने तथा उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा बच्चों के बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए अभिभावकों को भी नशामुक्त जीवन अपनाना होगा, ताकि घर में बेहतर माहौल तैयार हो सके। बैठक में बच्चों के साथ समय बिताने, उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर कहीं ले जाने के मामलों पर भी चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि किसी नाबालिग लड़की या लड़के को गलत मंशा से ले जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल अभिभावकों और संबंधित प्रशासन को दी जानी चाहिए। ऐसे मामलों को रोकने के लिए ग्रामीण स्तर पर सामाजिक निगरानी रखने की बात कही गई। ग्रामीणों ने नाबालिगों को शादी या अन्य गलत मंशा से बहला-फुसलाकर ले जाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आर्थिक दंड की व्यवस्था पर भी चर्चा की।
बैठक में राजेश चाम्पिया, ऋषि नायक, काटें साहू, मुरली नायक, अशोक महतो, राकेश रोशन चाम्पिया, बीजू चाम्पिया, श्याम चाम्पिया, गोपाल चाम्पिया, मंगल चाम्पिया, चंद्रमोहन केराइ, गोनू चाम्पिया, प्रदान चाम्पिया, जयराम चाम्पिया, बाटू चाम्पिया और डोंनका हाइबुरु सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने बच्चों को नशे और गलत संगत से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।

