चाईबासा: ‘प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ के तहत शनिवार को जिले के सात स्थानों पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सदर अस्पताल चाईबासा स्थित कुपोषण उपचार केंद्र में आयोजित शिविर में उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वयं रक्तदान कर लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया। मौके पर चाईबासा के सदर अस्पताल एमटीसी में सिविल सर्जन जुझार माझी भी उपस्थित थे, और सभी रक्तदाताओं को उत्साहित किया।
जिले में आयोजित सात रक्तदान शिविरों में कुल 401 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। शिविर सदर अस्पताल चाईबासा के एमटीसी, मनोहरपुर सीएचसी, हाटगम्हरिया सीएचसी, खूंटपानी सीएचसी, कोल्हान विश्वविद्यालय, सोनुवा सीएचसी और चक्रधरपुर सीएचसी में आयोजित किए गए।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि रक्तदान सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जिले के सभी स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित, प्रसूता, गंभीर रूप से बीमार मरीज सहित कई जरूरतमंद लोगों के लिए समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त जीवनदायी साबित हो सकता है। नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
उपायुक्त ने रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और उनके योगदान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट जागृति के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिविर में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने रक्तदाताओं से संवाद कर उनके अनुभवों की जानकारी ली और उन्हें रक्तदान के लिए शुभकामनाएं दीं।
जिला प्रशासन ने जिले के स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों से अपील की कि वे स्वैच्छिक रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाएं और अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करें, ताकि जरूरत के समय किसी मरीज को रक्त की कमी का सामना न करना पड़े।

