जमशेदपुर: केरला समाजम मॉडल स्कूल में 21 और 22 अगस्त को दो दिवसीय सजेशन मेला आयोजित किया गया। इसमें छात्रों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों और सपोर्ट स्टाफ ने भाग लेकर स्कूल के समग्र विकास से जुड़े सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल के विकास में सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करना और बेहतर संवाद का माहौल तैयार करना रहा।
सजेशन मेले के पहले दिन कक्षा छह से 12वीं तक के छात्रों ने कंप्यूटर लैब में आयोजित कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। छात्रों ने पढ़ाई, अनुशासन, खेल, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और स्कूल से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपने विचार और सुझाव रखे। बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी से स्कूल के प्रति उनकी जिम्मेदारी और जुड़ाव भी नजर आया।
दूसरे दिन अभिभावकों, पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अभिभावकों ने सजेशन मेले की पहल की सराहना करते हुए इसे स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने वाला कदम बताया। पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने भी स्कूल के विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई उपयोगी सुझाव दिए।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, प्राप्त सुझावों में अकादमिक व्यवस्था, अनुशासन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां, खेल, आधारभूत संरचना और स्कूल की दैनिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न विषय शामिल रहे। सुझावों के माध्यम से स्कूल समुदाय की अपेक्षाओं और भविष्य की जरूरतों को समझने का प्रयास किया गया।
प्राचार्य रिना बनर्जी ने कहा कि हर सुझाव को तत्काल लागू करना संभव नहीं होता, लेकिन प्रत्येक विचार को सुनना, उसकी व्यवहारिकता और संभावित प्रभाव का मूल्यांकन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य ऐसे उपयोगी सुझावों की पहचान करना है, जिन्हें स्कूल के विकास और व्यवस्था में सकारात्मक एवं स्थायी बदलाव के रूप में लागू किया जा सके।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य रिना बनर्जी, उप प्राचार्य ए. एल. अब्राहम, हेडमिस्ट्रेस सुजाता सिंह और रजिस्ट्रार वृंदा सुरेश के मार्गदर्शन में किया गया। सजेशन मेले के समन्वय की जिम्मेदारी राजन सिंह, परविंद सिंह, अबोध सिंह, शीला कुमारी, शिल्पी संदवार, गीता स्वामी और रानी सिंह ने संभाली।
दो दिवसीय सजेशन मेले के सफल आयोजन के साथ केरला समाजम मॉडल स्कूल ने यह संदेश दिया कि स्कूल के विकास की प्रक्रिया में छात्रों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और कर्मचारियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम ने स्कूल समुदाय को अपनी बात रखने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराया और भविष्य में प्राप्त सुझावों पर विचार कर उन्हें स्कूल की जरूरतों के अनुरूप लागू करने की दिशा में पहल का आधार तैयार किया।

