चाईबासा: अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अंतर्गत चाईबासा मारवाड़ी महिला समिति की ओर से बुधवार को रूंगटा गार्डन में हरियाली सावन तीज (सिंधारा) समारोह का आयोजन किया गया। हरियाली से सजे परिसर में आयोजित समारोह में समिति की करीब 100 से 125 सदस्य शामिल हुईं। महिलाओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ सावन तीज का पर्व मनाया।
समारोह में महिलाओं ने भजन प्रतियोगिता, रैंप वॉक और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में हिस्सा लिया। अधिकतर सदस्य हरे रंग के परिधानों में पहुंचीं, जबकि कुछ महिलाएं रंग-बिरंगे और इंद्रधनुषी शैली के परिधानों में भी नजर आईं। कार्यक्रम के दौरान स्वादिष्ट व्यंजनों का भी सभी ने आनंद लिया।
समारोह में एक मिनट के खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सदस्यों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान समिति की सदस्य सोनी का जन्मदिन भी मनाया गया। सभी सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में सावन क्वीन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसके अलावा हरे रंग के परिधान को लेकर भी विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन निकिता गोयल ने किया।
समिति की अध्यक्ष संगीता मुंधडा ने कहा कि सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में उत्साह, प्रेम, हरियाली, भक्ति और उमंग का प्रतीक है। सावन के आगमन के साथ प्रकृति हरियाली से भर जाती है और वातावरण में उत्साह का संचार होता है। तीज का पर्व महिलाओं के लिए आस्था, आनंद और सामाजिक मेलजोल का अवसर है।
उन्होंने कहा कि तीज के अवसर पर महिलाएं श्रृंगार कर हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और एक साथ मिलकर उत्सव मनाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। तीज का पर्व प्रेम, समर्पण, विश्वास और धैर्य का संदेश देता है।
संगीता मुंधडा ने कहा कि सावन की हरियाली हमें प्रकृति के संरक्षण का संदेश भी देती है। आज पर्यावरण प्रदूषण और पेड़ों की कमी जैसी समस्याएं सामने हैं। ऐसे में सभी को अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि त्योहार केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने, परंपराओं को आगे बढ़ाने और आपसी प्रेम एवं सौहार्द बढ़ाने का माध्यम भी हैं। सावन तीज भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति का सुंदर प्रतीक है। समारोह में महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ पर्व का आनंद लिया।

