जमशेदपुर। लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से बनी बाढ़ की स्थिति के बीच बुधवार को स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके कारण जिला प्रशासन ने नदी तट और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल निकासी, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है।
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने जलजमाव वाले क्षेत्रों से तत्काल पानी निकालने का निर्देश दिया है। जुस्को के सहयोग से शास्त्रीनगर, रामजनमनगर, बागबेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों में मोटर पंप लगाकर जल निकासी कराई जा रही है। नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करें और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मोटर पंप, मशीनरी तथा अन्य संसाधनों की व्यवस्था करें।
जलजमाव वाले इलाकों में पानी निकलने के बाद युद्धस्तर पर सफाई कराने को कहा गया है। सड़कों और गलियों की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि गंदगी और मच्छरों के प्रजनन से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग को भी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, जुगसलाई नगर परिषद और मानगो नगर निगम को चिन्हित आश्रय स्थलों में भोजन, पेयजल, प्राथमिक उपचार, रोशनी और स्वच्छता समेत सभी जरूरी सुविधाएं तैयार रखने का निर्देश दिया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की बुधवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर गिरावट की ओर है। खरकई नदी के जलस्तर में भी कमी दर्ज की गई है, लेकिन दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने नदी, नाला और जलजमाव वाले क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान किसी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर लोगों से सुरक्षित ऊंचे स्थानों या चिन्हित आश्रय स्थलों में जाने को कहा गया है। साथ ही नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

