जमशेदपुर। लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश और चांडिल डैम के साथ ओडिशा क्षेत्र के जलाशयों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण जमशेदपुर में स्वर्णरखा और खरकई नदियां रौद्र रूप में हैं। दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर के कई निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। इसी बीच कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर दो निवासी 28 वर्षीय टीपू खान के तेज पानी के बहाव में बह जाने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, टीपू खान अपने घर को बंद कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आने के बाद वह पानी में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग आसपास के इलाकों और नदी किनारे उसकी तलाश में जुट गए। करीब एक घंटे तक उसका कोई सुराग नहीं मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई। लोगों ने प्रशासन से तत्काल बचाव दल भेजकर युवक की तलाश कराने की मांग की है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए कदमा समेत प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की करीब 30 सदस्यीय टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। टीम प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ युवक की तलाश में भी जुटी है।
खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास 135.70 मीटर तक पहुंच गई है, जबकि खतरे का निशान 129 मीटर है। वहीं मानगो पुल के पास स्वर्णरखा नदी 123.98 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर है। यानी खरकई खतरे के निशान से 6.70 मीटर और स्वर्णरखा 2.48 मीटर ऊपर है।
बागबेड़ा, भुइयांडीह, शास्त्रीनगर, भाटिया बस्ती, मानगो और बारीडीह समेत कई इलाकों में पानी घुस चुका है। बागबेड़ा न्यू बस्ती में 350 से अधिक घर प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई जगह चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। चांडिल डैम के 13 गेट खोले गए हैं और करीब 762.38 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे है।

