नई दिल्ली। भारत मंडपम, नई दिल्ली में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय भारतीय व्यापार महोत्सव (बीवीएम) 2026 ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव में देश-विदेश से 1.8 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया और विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों के जरिए ₹5,000 करोड़ से अधिक के व्यापारिक अवसर सृजित हुए।
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने बताया कि महोत्सव में व्यापारी, निर्माता, निर्यातक, स्टार्टअप, निवेशक, नीति निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और विदेशी खरीदार शामिल हुए। खरीदार-विक्रेता बैठकों, व्यापारिक संवादों, सोर्सिंग चर्चाओं और साझेदारी वार्ताओं के माध्यम से बने अवसर आने वाले महीनों में वास्तविक व्यापारिक सौदों में बदलने की उम्मीद है।
महोत्सव में 23 देशों के 347 विदेशी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अफ्रीका, यूरोप, एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भारतीय उद्यमों के साथ सोर्सिंग, रणनीतिक साझेदारी, संयुक्त उपक्रम, तकनीकी सहयोग और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग को लेकर चर्चा की।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि 20 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ब्रांड प्रतिनिधियों और वैश्विक बाइंग हाउसेज़ की भागीदारी भी महोत्सव की बड़ी उपलब्धि रही। इससे भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच के नए रास्ते खुले हैं।
महोत्सव में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, एफएमसीजी, ऑर्गेनिक उत्पाद, वस्त्र एवं परिधान, हस्तशिल्प, चमड़ा एवं फुटवियर, स्वास्थ्य सेवाएं, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, अक्षय ऊर्जा, निर्माण सामग्री, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल समाधान, रिटेल, ई-कॉमर्स, पर्यटन और आतिथ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों की भारतीय क्षमता प्रदर्शित की गई।
स्टार्टअप और नवाचार पर रहा विशेष जोर
कैट की पहल भारत इनोवेशन एंड स्टार्टअप एक्सचेंज (BISE) महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। इसके तहत 150 से अधिक स्टार्टअप पिच सत्र, 8 पैनल चर्चाएं और 35 विशेषज्ञों की भागीदारी हुई। वहीं ₹500 करोड़ की औसत निवेश क्षमता वाले 50 से अधिक निवेशकों की मौजूदगी ने स्टार्टअप्स को निवेश के नए अवसर उपलब्ध कराए।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने बताया कि महोत्सव में 18 ज्ञानवर्धक सत्र, 2 कंट्री डायलॉग्स और 36 आई-टॉक्स सत्र आयोजित किए गए। इनमें व्यापार, तकनीक, नवाचार, निवेश, निर्यात और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा 150 से अधिक प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की भागीदारी ने भारतीय कारोबार और प्रवासी समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत किया।
झारखंड के व्यापारियों की भी रही सक्रिय भागीदारी
भारतीय व्यापार महोत्सव में झारखंड कैट से भी बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से भरत वसानी, किशोर गोलछा, सवार मल शर्मा, सत्यनारायण अग्रवाल, बिट्ठल अग्रवाल और विनोद शर्मा शामिल रहे। झारखंड के व्यापारियों की भागीदारी ने राज्य के व्यापारिक समुदाय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
कैट पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 ने भारतीय उद्यमों की बढ़ती क्षमता, प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक महत्वाकांक्षा को प्रदर्शित किया है। महोत्सव ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और “वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल” तथा “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

