जमशेदपुर: राजपूत समाज अखंड भारत की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महिलाओं को एक मंच पर एकजुट करते हुए स्वतंत्रता दिवस एवं सावन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न समाजों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य आपसी प्रेम, भाईचारा, एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को सामाजिक रूप से सशक्त एवं जागरूक करना रहा।
राजपूत समाज अखंड भारत द्वारा पिछले कई वर्षों से विभिन्न समाजों की महिलाओं को एक मंच पर लाकर सावन उत्सव मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की देशभक्ति भावना और सावन की भक्ति को एक साथ जोड़ते हुए कार्यक्रम को विशेष रूप दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ हुई। इसके बाद देशभक्ति गीतों और भगवान शिव की भक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने जहां उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई, वहीं सावन से जुड़े भक्ति कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित समाजसेवी पूर्वी घोष उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में औरंगाबाद, बिहार की राजपूत समाज की जिला अध्यक्ष मनोरमा देवी ने शिरकत की। पत्रकारिता जगत से जुड़ीं अन्नी अमृता ने कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका निभाई।
इस अवसर पर महिलाओं की सामाजिक भूमिका, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में उनकी भागीदारी तथा बेटियों और बेटों को बेहतर संस्कार देने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।
संस्था की अध्यक्ष मधु सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन केवल मनोरंजन या उत्सव मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, अपने अनुभव और विचार साझा करने तथा समाज के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना जरूरी है, जहां वे खुलकर अपनी बात रख सकें और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कर सकें।
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं एक साथ आती हैं तो उन्हें एक-दूसरे की सोच, अनुभव और संघर्षों से सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन महिलाओं के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बन सकते हैं। उन्होंने सभी महिलाओं से बेटियों और बेटों को समान रूप से अच्छे संस्कार देने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष मधु सिंह के साथ रूपम सिंह, सोनू, निशा सिंह, रूबी मिश्रा एवं माधुरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन में शामिल महिलाओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को जारी रखने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस की देशभक्ति भावना, सावन की भक्ति और महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के माध्यम से देश के प्रति प्रेम, समाज के प्रति जिम्मेदारी, आपसी भाईचारे और महिलाओं के सम्मान एवं सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।

