चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी के पांड्रासाली FCI गोदाम क्षेत्र में कथित रूप से लौह अयस्क और कोयला की लोडिंग-अनलोडिंग को लेकर रविवार को ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मटकोबेड़ा मुण्डा कमल किशोर हेम्ब्रम ने की। बैठक में ग्रामीणों ने क्षेत्र में संचालित कथित लोडिंग-अनलोडिंग गतिविधियों को बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि FCI गोदाम परिसर में रूंगठा कंपनी से जुड़े लौह अयस्क एवं कोयला के भंडारण और लोडिंग-अनलोडिंग का काम किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
बैठक में ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई कि प्रशासन स्पष्ट करे कि FCI के लिए निर्धारित भूमि या परिसर में लौह अयस्क और कोयला के भंडारण तथा लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कथित लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य बंद नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से सड़क जाम और जन आंदोलन किया जाएगा। बैठक में आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए सर्वसम्मति से भूमि बचाओ संघर्ष समिति, खूंटपानी का गठन भी किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगों पर प्रशासन और संबंधित कंपनी की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
बैठक में मुण्डा विजय सिंह बानरा, नारायण बानरा, बिरसिंह हेम्ब्रम, मदुसूदन बानरा, रेंगो पुरती, सकरी दोंगो, अशोक मुंडारी, घनश्याम बानरा, साधु हो सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
अब ग्रामीणों की मांग और आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन तथा संबंधित कंपनी की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

