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चाईबासा: उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरकेला में अंतरराष्ट्रीय विश्व आदिवासी दिवस उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद प्रधानाध्यापिका सरस्वती सामड ने स्वागत भाषण दिया।

प्रधानाध्यापिका सरस्वती सामड ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी भाषा, संस्कृति, परंपरा, वीरों के संघर्ष, प्रकृति प्रेम और गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि बरकेला पंचायत की मुखिया सरस्वती सुंडी ने कहा कि आदिवासी भाषा और संस्कृति को भूलना अपनी पहचान को खोने के समान है। इसके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबूलाल बोदरा ने आधुनिक शिक्षा के साथ पारंपरिक ज्ञान को भी बच्चों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

हो भाषा शिक्षिका रेणु पाट पिंगुवा ने मातृभाषा के प्रति गर्व की भावना विकसित करने और इसे भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लुप्तप्राय पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई। साथ ही लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत कर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका सरस्वती सामड, शिक्षकगण, अभिभावक, बाबूलाल बोदरा, अंजु बोयपाई, माया मैडम, रामदेव बोयपाई सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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