पलामू: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार बुधवार को पलामू जिले के उसके पैतृक गांव मरहा पथरा में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच संपन्न हुआ। न्यायालय से पैरोल मिलने के बाद जेल से बाहर आई उसकी पत्नी रिया सिन्हा भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की मौजूदगी में सुजीत सिन्हा के पुत्र अक्षत कुमार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपने पिता को मुखाग्नि दी।
सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संभावित भीड़ और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हुसैनाबाद से लेकर मरहा पथरा गांव तक पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई थी। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पूरे क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी गई और अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
बताया गया कि सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अदालत में पैरोल की अर्जी दी थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सीमित अवधि के लिए पैरोल प्रदान की गई, जिसके बाद वह अपने पुत्र अक्षत कुमार के साथ गांव पहुंचीं। उनके पहुंचने के बाद ही परिजनों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की।
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और रिश्तेदार सुजीत सिन्हा के अंतिम दर्शन के लिए गांव पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया हुआ था, जिससे अंतिम संस्कार की सभी रस्में व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई जा सकें।
गौरतलब है कि हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में सुजीत सिन्हा की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसका शव उसके छोटे भाई अरुण सिन्हा को सौंपा गया था। शव को पैतृक गांव लाया गया, जहां परिवार पैरोल पर रिया सिन्हा के आने का इंतजार कर रहा था। बुधवार को उनकी मौजूदगी में सभी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

