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Fri. Jul 31st, 2026

टोंटो में पेसा नियमावली-2025 के तहत प्रखंड स्तरीय समिति गठन पर नहीं बनी सहमति, मानकी-मुंडाओं ने जताई आपत्ति, बैठक रही बेनतीजा

चाईबासा: टोंटो अंचल कार्यालय में शुक्रवार को पेसा अधिनियम एवं झारखंड नियमावली-2025 के तहत प्रखंड स्तरीय समिति के गठन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक अंचल अधिकारी के पत्रांक 389/1-7-2026 के आलोक में बुलाई गई थी। इसमें मानकी, मुंडा, सरकारी अधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों सहित कुल 10 सदस्य शामिल हुए। हालांकि समिति गठन के मुद्दे पर सहमति नहीं बनने के कारण बैठक बेनतीजा रही।

बैठक में अंचल अधिकारी, अंचल निरीक्षक, मानकी शंकर लागुरी (रेंगड़ापीड़), मानकी बैजनाथ बारी (बामेबासा), मुंडा रामेश्वर सिंह (कुन्टिया), मुंडा सोना सालेन हांसदा (बड़ालागिया), मुंडा माथुरा (दोराईबुरु-तालाबुरु), एनजीओ प्रतिनिधि राकेश मालिक, अभिक मंडल तथा पंचायत समिति सदस्य स्माइल दास उपस्थित थे।

बैठक में झारखंड नियमावली-2025 के तहत प्रस्तावित प्रखंड स्तरीय समिति की रूपरेखा रखी गई। प्रस्ताव के अनुसार समिति के अध्यक्ष अंचल अधिकारी होंगे, जबकि वन क्षेत्र पदाधिकारी, जेपीएस, एक मानकी या मुंडा तथा एक एनजीओ प्रतिनिधि सदस्य होंगे। समिति का उद्देश्य प्रखंड स्तर पर बैठक कर स्थानीय समस्याओं का समाधान करना बताया गया।

बैठक के दौरान मानकी और मुंडाओं ने समिति गठन पर असहमति जताई। उनका कहना था कि पेसा अधिनियम और झारखंड नियमावली-2025 की वैधानिकता को लेकर कोल्हान क्षेत्र में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस कारण समिति गठन पर सहमति नहीं बन सकी।

बैठक में पेसा अधिनियम-1996 और झारखंड नियमावली-2025 का तुलनात्मक अध्ययन भी किया गया। उपस्थित लोगों ने 29 वर्ष बाद नियमावली लागू किए जाने की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की संभावना पर चर्चा की। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में राष्ट्रपति की अनुमति के बिना नगर निकाय अधिनियम-2011 लागू करने और झींकपानी, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर तथा चक्रधरपुर जैसे क्षेत्रों में नगरपालिकाओं के विस्तार पर भी आपत्ति जताई गई।

बैठक में बताया गया कि इस मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जा चुकी है, जिसके याचिकाकर्ता कोल्हान, चाईबासा के सुभाष बारी हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को निर्धारित है।

बैठक के दौरान आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के विक्टोर मालटो ने पेसा अधिनियम और झारखंड नियमावली-2025 का कानूनी विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जमशेदपुर के अधिवक्ता अशोक बिरुवा, मुंडा उलीडीह, कृष्ण बिरुवा, मुंडा विजय सुण्डी, देशाउली फाउंडेशन के साधु हो, मुंडा बाहारा हेम्ब्रोम, मानकी नरेश बानरा, मानकी शंकर लागुरी, अधिवक्ता राजश्री सवैंया सहित कई समाजसेवी और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

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