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Wed. Jul 29th, 2026

टाटा मैजिक से ठिकाना बदल रहा था एक करोड़ का इनामी माओवादी, धनबाद में मिसिर बेसरा समेत पांच गिरफ्तार

रांची। झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सुनीर्मल उर्फ भास्कर उर्फ सागर उर्फ प्रधान को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने धनबाद जिले से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ संगठन के चार अन्य सक्रिय माओवादियों को भी दबोचा गया है। कार्रवाई के दौरान तीन एके-47 राइफलें भी बरामद की गई हैं।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया सूचना मिली थी कि माओवादी नेता अपने साथियों के साथ धनबाद के बरवाड़ा थाना क्षेत्र से होकर टाटा मैजिक वाहन में सवार होकर किसी नए ठिकाने की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान वाहन में सवार सभी पांचों माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियान के दौरान किसी प्रकार का बड़ा प्रतिरोध सामने नहीं आया।

गिरफ्तार किए गए माओवादियों में पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के अलावा रीजनल कमेटी सदस्य तुम्बा मांझी, एरिया कमेटी सदस्य बिरेन हांसदा तथा संगठन से जुड़े मंगल मुर्मू और दिनेश राय शामिल हैं।

सुरक्षा बलों ने वाहन की तलाशी में तीन एके-47 राइफलें बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि सभी माओवादी अपना ठिकाना बदलने की तैयारी में थे। अब जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, कैडरों की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लगी हैं।

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मिसिर बेसरा लंबे समय से झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जंगलों में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। उसकी गिरफ्तारी को राज्य में माओवादी संगठन के खिलाफ हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन की गतिविधियों और नेतृत्व क्षमता को बड़ा झटका लगेगा।

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