हिंडालको के सहयोग से सनई और केरार के ग्रामीणों को मिला लाभ, पशुपालन से बढ़ेगी आमदनी
संवाददाता
लोहरदगा: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पेशरार प्रखंड के सनई और केरार गांव में मुख्यमंत्री पशुधन बकरा-बकरी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, लोहरदगा और हिंडालको के सीएसआर सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के तहत चयनित 3 लाभुकों के बीच कुल 24 बकरी और 6 बकरा का वितरण किया गया। लाभुकों को पशु के साथ-साथ पशुपालन से जुड़ी जरूरी दवाइयां और देखभाल की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. सत्यजय केरकेट्टा ने कहा कि, “सरकार की योजना है कि हर घर में अतिरिक्त आमदनी का स्रोत बने। पशुपालक अपने पशुओं की साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दें। इससे न केवल पशु स्वस्थ रहेंगे बल्कि आपकी आमदनी में भी इजाफा होगा।”
कार्यक्रम में शामिल हिंडालको के सीएसआर अधिकारी भास्कर सिंहा ने कहा कि, “कंपनी सामाजिक दायित्व के तहत हमेशा ग्रामीणों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री पशुधन योजना जैसी योजनाओं से गांव के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। आगे भी इस तरह का सहयोग जारी रहेगा।”
उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे समूह बनाकर पशुपालन करें, ताकि दूध और मांस के साथ-साथ गोबर से जैविक खाद का भी लाभ लिया जा सके।
कार्यक्रम में भास्कर दास गुप्ता, अनिल उरांव, महावीर उरांव, गीता उरांव, संजय महली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने सरकार और कंपनी के इस पहल की सराहना की और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

