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Wed. Jul 8th, 2026

ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत आरपीएफ ने घर से निकले 12 वर्षीय बालक को सुरक्षित बचाया

रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट, रांची ने ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घर से निकले एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया।

जानकारी के अनुसार, रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर नियमित गश्त और जांच के दौरान आरपीएफ के शिफ्ट अधिकारी एवं ड्यूटी पर तैनात जवानों की नजर एक नाबालिग बालक पर पड़ी, जो अकेला और संदिग्ध परिस्थितियों में प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था। जवानों ने बालक को अपने संरक्षण में लेकर उससे पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपना नाम करण कुमार (12 वर्ष) बताया। उसने अपने पिता का नाम रतनेश राय तथा मूल निवास समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के महादीनगर का रहने वाला बताया। वर्तमान में उसका परिवार रांची के लालपुर स्थित डिस्टनरी भवन में रह रहा है।

बालक ने आरपीएफ को बताया कि उसकी मां द्वारा बार-बार डांटने से नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर छोड़कर रेलवे स्टेशन पहुंच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने बालक को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया और उसे आरपीएफ पोस्ट लाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालक को उसकी सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत चाइल्डलाइन, रांची के हवाले कर दिया गया, ताकि उसे उसके परिजनों से सुरक्षित मिलाया जा सके।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” का उद्देश्य रेलवे स्टेशन परिसर में भटके, लापता अथवा संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर उन्हें उनके परिवार अथवा संबंधित बाल संरक्षण संस्थाओं तक पहुंचाना है। इस सफल रेस्क्यू अभियान में उप निरीक्षक सुनीता तिर्की, सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार तथा प्रधान आरक्षक पी.सी. महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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