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Fri. Jul 3rd, 2026

पलाश कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को मिलेगा बहुकक्षीय शिक्षण का प्रशिक्षण, आधुनिक पठन-पाठन पर रहेगा जोर

*पलाचाईबासा: कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं आनंददायक शिक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पलाश कार्यक्रम के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं को पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बहुकक्षीय (मल्टीग्रेड) शिक्षण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य एक ही शिक्षक द्वारा एक साथ दो कक्षाओं के बच्चों को प्रभावी ढंग से भाषा एवं गणित की शिक्षा देना है।

इस संबंध में जिले के मास्टर ट्रेनरों को झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी), रांची में प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे जिले के चयनित प्रखंडों के चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को बहुकक्षीय शिक्षण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।

प्रशिक्षण में पलाश पुस्तक का उपयोग किया जाएगा, जिसे जनजातीय बच्चों की भाषाई एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए बहुभाषी शिक्षा की अवधारणा पर तैयार किया गया है। पुस्तक में स्थानीय परिवेश से जुड़े बालगीत, लघुकथाएं, खेल आधारित गतिविधियां और सहभागितापूर्ण शिक्षण सामग्री शामिल है, जिससे बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज, रोचक और प्रभावी बन सके।

पश्चिमी सिंहभूम जिले में मास्टर ट्रेनर कृष्णा देवगम, राजेश सिंकू, राजेंद्र प्रसाद नेवार, नवीन कुमार झा, दमयंती बिरुवा और विनिता कुमारी गोप प्रशिक्षण का संचालन करेंगे।

प्रशिक्षण में लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) की टीम के निशा गुप्ता, सीमा सिंह, शैलेन्द्र अवस्थी, नीरज राणा, स्मृति मिश्रा, मो. एहसान, उषा कुमारी, पूजा पान, दीपक सांडिल, कमल लोचन प्रमाणिक तथा संदीप शंख तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रशिक्षण से शिक्षकों की बहुकक्षीय शिक्षण क्षमता मजबूत होगी तथा कक्षा 1 और 2 के बच्चों में भाषा एवं गणित की आधारभूत दक्षताओं के विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही बहुभाषी शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सीखने का अनुभव अधिक सहज, आत्मीय और प्रभावशाली बनेगा।

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