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Wed. Jul 1st, 2026

बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का स्वयं निरीक्षण करेंगे उपायुक्त, समिति ने 11 वर्षों की देरी पर जताई नाराजगी

जमशेदपुर: बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को लेकर लंबे समय से चल रही शिकायतों के बीच उपायुक्त राजीव रंजन ने योजना का स्वयं स्थल निरीक्षण करने का आश्वासन दिया है। बुधवार को एबीएम मशीन के निरीक्षण के दौरान बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने उपायुक्त से मुलाकात कर योजना की वर्तमान स्थिति और वर्षों से लंबित पड़े कार्यों की जानकारी दी।

सुबोध झा ने उपायुक्त को बताया कि वर्ष 2018 से अब तक पेयजल आपूर्ति शुरू करने को लेकर संबंधित विभाग कई बार मौखिक और लिखित आश्वासन दे चुका है, लेकिन आज तक क्षेत्र की जनता को योजना का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग समय पर तय की गई समय-सीमाएं भी पूरी नहीं हुईं, जिससे लोगों का भरोसा लगातार टूटता गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि योजना पर लोकसभा में उठाए गए सवालों के जवाब में भी वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दी गई। उनके अनुसार, करीब 11 वर्षों से बागबेड़ा की जनता नियमित पेयजल सुविधा से वंचित है और गर्मी के दिनों में लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, करोड़ों रुपये की लागत से बनी जलापूर्ति संरचनाएं भी बिना उपयोग के जर्जर होती जा रही हैं।

सुबोध झा ने उपायुक्त से आग्रह किया कि वे स्वयं जलमीनार और अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें ताकि योजना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इस पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण वह तत्काल निरीक्षण नहीं कर सकते, लेकिन अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का स्थल निरीक्षण करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण की तिथि की जानकारी समिति को पहले से उपलब्ध करा दी जाएगी।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के नेता ललन यादव ने भी बागबेड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की।

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