चाईबासा: भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष जयकिशन बिरुली ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और लोकतंत्र बचाओ, भीड़ हटाओ कार्यक्रम को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बयान पर मंत्री दीपक बिरुवा की प्रतिक्रिया को हताशा और निराशा से भरा बताया है।
जयकिशन बिरुली ने कहा कि मंत्री दीपक बिरुवा को यह बताना चाहिए कि अवैध मतदाताओं के नाम हटाने से उन्हें इतनी परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री का यह कहना कि वैध मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे तो विरोध करेंगे, उचित है। लेकिन देश में पहली बार एसआईआर नहीं हो रहा है। यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। चुनाव के दौरान संविधान की दुहाई देने वाले लोगों का आज इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत सभी बूथों पर राजनीतिक दलों को बीएलए-2 नियुक्त करना था। लगभग सभी दलों ने अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं। मंत्री बताएं कि क्या उनके बीएलए-2 ने किसी वैध मतदाता का नाम काटे जाने की शिकायत संबंधित पदाधिकारी से की है? यदि शिकायत नहीं है तो बार-बार जनता को गुमराह क्यों किया जा रहा है?
जयकिशन बिरुली ने कहा कि पिछले पांच महीनों से बीएलओ और संबंधित पदाधिकारी मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम कर रहे हैं। ऐसे में मंत्री द्वारा उन पर सवाल उठाना अशोभनीय है, क्योंकि ये कर्मचारी उनकी सरकार के ही हैं।
उन्होंने कहा कि चाईबासा विधानसभा में चुनाव जीतने का अंतर लगातार बढ़ा है और मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी है। मंत्री को अपने क्षेत्र में राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, अबुआ आवास, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का हिसाब देना चाहिए। जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें। आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

