जमशेदपुर। वरिष्ठ फोटो पत्रकार उमा शंकर दुबे के नाम का दुरुपयोग कर व्हाट्सएप ग्रुपों में रुपये मांगने का फर्जी संदेश प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। इसको गंभीरता से लेते हुए प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने सभी पत्रकारों एवं सदस्यों को सतर्क रहने की अपील की है। क्लब ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ पत्रकार उमा शंकर दुबे के नाम से पैसे मांगने के लिए प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह फर्जी है। इसका उनसे कोई संबंध नहीं है।
प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार, 3 नवंबर को सूचना जारी कर कहा कि कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में वरिष्ठ पत्रकार के नाम का इस्तेमाल करते हुए आर्थिक मदद के नाम पर रुपये मांगने का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। इस तरह के संदेशों के जरिए लोगों को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की आशंका है। उन्होंने सभी सम्मानित सदस्यों एवं पत्रकार बंधुओं से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदेश पर भरोसा नहीं करें और न ही किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन करें।
अध्यक्ष ने कहा कि किसी परिचित या वरिष्ठ व्यक्ति के नाम से पैसे मांगने का संदेश मिलने पर बिना पुष्टि किए कोई कदम नहीं उठाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह का संदेश प्राप्त होता है तो संबंधित व्यक्ति से उसके आधिकारिक या पहले से उपलब्ध मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क कर उसकी सत्यता की पुष्टि करनी चाहिए। अनजान मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी या बैंक खाते में जल्दबाजी में पैसे भेजने से बचना चाहिए।
प्रेस क्लब ने पत्रकार समुदाय से इस फर्जी संदेश को आगे प्रसारित नहीं करने और अपने संपर्कों तथा व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों को जागरूक करने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या आर्थिक सहायता संबंधी अनुरोध के प्रति सावधानी बरतने को कहा है। क्लब का उद्देश्य इस तरह की धोखाधड़ी से पत्रकारों एवं आम लोगों को बचाना और वरिष्ठ पत्रकार की प्रतिष्ठा का दुरुपयोग रोकना है।

