Breaking
Thu. Oct 15th, 2026

बाल्डविन फार्म एरिया हाई स्कूल में महिषासुर मर्दिनी और रामलीला की प्रस्तुति, विद्यार्थियों ने दिया सकारात्मकता का संदेश

जमशेदपुर: कदमा स्थित बाल्डविन फार्म एरिया हाई स्कूल में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित महिषासुर मर्दिनी एवं रामलीला की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी नृत्य, अभिनय और मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय महाकाव्यों की गाथाओं को जीवंत किया। कार्यक्रम में बुराई पर अच्छाई की जीत, सत्य, साहस, भक्ति और सदाचार जैसे जीवन-मूल्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

महिषासुर मर्दिनी नृत्य-नाटिका में मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध का प्रभावशाली मंचन किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने अन्याय और नकारात्मकता पर साहस एवं सकारात्मकता की जीत का संदेश दिया। वहीं, रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की सीख को मंच पर उतारा गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में अभिनय-कौशल, रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में निदेशक (शैक्षणिक) एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् डॉ. अशोक सिंह, प्राचार्या डॉ. सुभश्री सरकार, प्रशासक सचिन कुमार और उप-प्राचार्या अर्चना बोस उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. अशोक सिंह ने विद्यार्थियों, प्रतिभागियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने और बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए अभिभावकों के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि महिषासुर को नकारात्मकता के प्रतीक के रूप में देखा जा सकता है। विद्यार्थियों को अपने जीवन से नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मक सोच, साहस और सदाचार अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया, उसी तरह विद्यार्थियों को भी अपने भीतर की नकारात्मकता पर विजय प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। इससे वे न केवल अपने व्यक्तित्व को बेहतर बना सकेंगे, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से निभा पाएंगे।

कार्यक्रम की पहल की सराहना करते हुए निदेशक (प्रशासन) एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् डॉ. राजीव रंजन सिन्हा और सचिव प्रभास कुमार ने विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने पारंपरिक मूल्यों, सांस्कृतिक जागरूकता और माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करने में ऐसे आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

विद्यालय में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का अवसर दिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सत्य, साहस, भक्ति और सदाचार जैसे मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और जीवन को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Related Post