चाईबासा: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (हरियाणा) में 22 से 28 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकीकरण शिविर (एनआईसी) 2026 में कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के आठ राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवक भाग लेंगे। इस शिविर के लिए महिला कॉलेज, चाईबासा के बीएड विभाग की छात्रा ललिता पिंगुवा का चयन किया गया है। वहीं, महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन बिहार-झारखंड दल के टीम लीडर के रूप में शामिल होंगे।
ललिता पिंगुवा के चयन और डॉ. अर्पित सुमन को टीम लीडर की जिम्मेदारी मिलने पर महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने खुशी जताई। सभी ने दोनों को बधाई देते हुए उनके सफल सहभागिता की कामना की।
प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं परंपराओं को समझने का अवसर देता है। इससे राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना मजबूत होती है।
डॉ. अर्पित सुमन ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजन युवाओं को विविधता में एकता का महत्व समझने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
विकास मिश्रा ने कहा कि इस तरह के शिविर से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वयंसेवक विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं से परिचित होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आगे बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर डॉ. सुचिता बाड़ा, डॉ. अमृता जायसवाल, मोबारक करीम हाशमी, डॉ. ओनिमा मानकी, डॉ. बबीता कुमारी, शीला समद, प्रीति देवगम, सितेंद्र रंजन सिंह, मदन मोहन मिश्रा, डॉ. अंजना सिंह और डॉ. रूबी कुमारी सहित अन्य प्राध्यापकों ने भी चयनित छात्रा और टीम लीडर को शुभकामनाएं दीं।
महाविद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि इस शिविर से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा मिलेगा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

