चाईबासा: ग्यारहवीं शरीफ के मुबारक मौके पर अंजुमन इस्लामिया की जानिब से शहर चाईबासा की उर्दू लाइब्रेरी में मर्द हाजरात के लिए 9 अक्तूबर, बाद नमाज-ए-जुमा लंगर-ए-आम और ख्वातीनो के लिए 11 अक्टूबर 2026 (इतवार) बाद नमाज ए जोहार समय 1:00 बजे ग्रेट इस्लामिया गर्ल्स मिडिल स्कूल (लड़की मदरसा) में एहतेमाम किया गया है। इस मौके पर बड़ी तादाद में लोगों के शिरकत करने की उम्मीद है।
ग्यारहवीं शरीफ को पिराने पीर, हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी रहमतुल्लाह अलैह से अक़ीदत और मोहब्बत रखने वाले लोग खास तौर पर मनाते हैं। इस मौके पर उनके नाम से फातिहा पढ़ी जाती है और लंगर का एहतेमाम किया जाता है। फातिहा और दुआ के दौरान मुल्क और पूरी आलमे इंसानियत में अमन, सलामती और खुशहाली के लिए दुआएं की जाती हैं।
ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों की जानिब से दावत-ए-आम और लंगर का एहतेमाम किया जाता है। इस सिलसिले में पूरे महीने दावतों और लंगर का सिलसिला जारी रहता है। लोग अपनी हैसियत के मुताबिक इसमें हिस्सा लेते हैं और जरूरतमंदों समेत आम लोगों को खाना तकसीम करते हैं।
अंजुमन इस्लामिया के सेक्रेटरी फैयाज खान उर्फ बल्लो खान ने तमाम लोगों से इस मुबारक मौके पर अपने आपसी इख्तिलाफात को दरकिनार कर उर्दू लाइब्रेरी पहुंचने और लंगर-ए-आम में शिरकत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुबारक मौकों पर आपसी भाईचारा, मोहब्बत और इत्तेहाद को मजबूत करने का पैगाम दिया जाना चाहिए।

