चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला भाजपा अध्यक्ष गीता बालमुचू ने सोमवार को चाईबासा में कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था जरूरी है। चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया के संचालन की संवैधानिक संस्था है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया भी निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत की जाती है।
गीता बालमुचू ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो लोकतंत्र मजबूत नजर आता है, लेकिन चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा रवैया बताया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को मतदाता सूची या चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस आपत्ति है तो उसे निर्धारित संवैधानिक और कानूनी माध्यम से प्रमाण के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। केवल सड़क पर प्रदर्शन कर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें और अपात्र नामों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है।
गीता बालमुचू ने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक रणनीति और जनसंपर्क पर आत्ममंथन करने को कहा। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी चुनौतियों के बाद कांग्रेस को जनता के बीच अपने कार्यों और नीतियों के बारे में जवाब देना चाहिए। EVM से लेकर चुनाव आयोग तक लगातार आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को जनता के मुद्दों पर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, न्यायपालिका और निर्वाचन व्यवस्था पर लगातार अविश्वास का माहौल बनाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता। जनता विकास, सुशासन और जवाबदेही चाहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीति निष्पक्ष चुनाव, मजबूत लोकतंत्र और सबका साथ, सबका विकास की है। कांग्रेस को आंदोलन और आरोपों की राजनीति से आगे बढ़कर रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
यह जानकारी भाजपा पश्चिमी सिंहभूम के जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा ने दी।

