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बांकुड़ा में तीन माओवादी हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण,पूर्वी सिंहभूम जिले के रामप्रसाद मांडी उर्फ सचिन सहित दो महिलाएं भी शामिल

बांकुड़ा। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। बुधवार को संगठन से जुड़े तीन वरिष्ठ माओवादियों ने पुलिस के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के अनुसार तीनों लंबे समय से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थे और करीब दो दशक तक संगठन के लिए काम करते रहे हैं। पुलिस ने तीनों को क्षेत्र में हुई करीब 80 हिंसक घटनाओं से जुड़ा बताया है।
 
आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी निवासी जबा महतो उर्फ बुलू, पूर्व मेदिनीपुर जिले के सोना चूड़ा निवासी नयनतारा साहू उर्फ मीता और झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के रामप्रसाद मांडी उर्फ सचिन के रूप में हुई है। तीनों ने पश्चिम बंगाल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पश्चिमी क्षेत्र आनंद कुमार और बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक पी. वी. जी. सतीश की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया।
 
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जबा महतो और नयनतारा साहू माओवादी संगठन की जोनल कमेटी की सदस्य थीं, जबकि रामप्रसाद मांडी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में सक्रिय क्षेत्रीय समिति का सदस्य था। तीनों की गतिविधियों का क्षेत्र पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों से लेकर झारखंड के कोल्हान क्षेत्र तक फैला हुआ था।
 
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण के दौरान तीनों ने जो हथियार पुलिस के समक्ष जमा किए, उनमें ऐसे हथियार भी शामिल हैं जिन्हें पूर्व में पुलिस से लूटा गया था। अधिकारियों के अनुसार लंबे समय तक भूमिगत रहकर माओवादी गतिविधियों में सक्रिय रहे इन सदस्यों का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
 
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम बंगाल में माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। कुछ दिन पहले शीर्ष माओवादी नेताओं में शामिल आकाश उर्फ असीम मंडल और मदन की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि एक अन्य माओवादी नेता विक्रम ने भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद तीन और वरिष्ठ सदस्यों के हथियार डालने से संगठन की गतिविधियों और उसके क्षेत्रीय नेटवर्क को लेकर पुलिस की कार्रवाई को और मजबूती मिली है।
 
पुलिस का कहना है कि तीनों माओवादियों से पूछताछ के जरिए संगठन की गतिविधियों, उसके नेटवर्क, हथियारों की उपलब्धता और पश्चिम बंगाल तथा झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। खासकर पूर्वी सिंहभूम और कोल्हान क्षेत्र से जुड़े रामप्रसाद मांडी से पूछताछ के दौरान सीमावर्ती इलाकों में माओवादी गतिविधियों से संबंधित जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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