जमशेदपुर। युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस ने सोमवार को एक और महत्वपूर्ण कड़ी की पड़ताल की। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनारी स्थित एक कथित न्यूज संस्थान के कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक तलाशी ली। टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को क्या-क्या मिला, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
निखार सबलोक हत्याकांड में कथित मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह उर्फ राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी अब आरोपियों के आपसी संपर्क, आर्थिक गतिविधियों और डिजिटल कड़ियों को खंगाल रही है। इसी क्रम में सोनारी स्थित कथित ‘न्यूज 26’ के कार्यालय को भी जांच के दायरे में लाया गया है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उक्त संस्थान का संचालन किन लोगों के हाथ में था, उससे जुड़े व्यक्तियों के बीच किस तरह के संबंध थे और संस्थान से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां किस तरीके से संचालित होती थीं। जांच टीम ने कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को भी खंगाला है।
जांच के दौरान अशोक सिंह उर्फ राघव के कथित मीडिया कनेक्शन की जानकारी भी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राघव के जमशेदपुर से संचालित एक यूट्यूब चैनल से जुड़े होने की जानकारी की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा एक अंग्रेजी अखबार में उसकी कथित साझेदारी से संबंधित पहलू भी जांच के दायरे में होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि संबंधित यूट्यूब चैनल पहले विक्रम शर्मा से जुड़ा था और विक्रम शर्मा की हत्या के बाद उसके संचालन में राघव की भूमिका होने की जानकारी पुलिस जुटा रही है।
एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि राघव की कथित मीडिया गतिविधियों, आर्थिक लेन-देन और उसके संपर्कों का निखार सबलोक हत्याकांड से कोई संबंध था या नहीं। इसके लिए मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डिजिटल चैट, बैंकिंग और अन्य आर्थिक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जांच में राघव के कथित तौर पर अखिलेश सिंह के करीबी होने की बात भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या के बाद जमशेदपुर में अखिलेश सिंह से जुड़े कथित कारोबार की कमान राघव द्वारा संभाले जाने के पहलू की भी पुलिस पड़ताल कर रही है। हालांकि इन सभी कड़ियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एसआईटी अब हत्या की वारदात के साथ-साथ उससे जुड़े संभावित आर्थिक, डिजिटल और संपर्क नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस का फोकस इस बात पर है कि हत्याकांड से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किन लोगों से संपर्क हुआ और किसी व्यक्ति या संस्थान के माध्यम से किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

