जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त जांच अभियान के दौरान टीम ने करीब 30 किलो गांजा बरामद करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में नारकोटिक्स डॉग मैक्स की अहम भूमिका रही। बरामद गांजे को जब्त कर दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर के सुपुर्द कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपेश कुमार (36), निवासी राघोपुर फतेहपुर, जिला वैशाली, बिहार और शिव मुनि चौरसिया (38), निवासी भभुआ, जिला कैमूर, बिहार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर बिहार जाने की तैयारी में थे।
जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी समलेश्वरी एक्सप्रेस से टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। टाटानगर से उन्हें पुरुषोत्तम एक्सप्रेस पकड़कर बिहार की ओर आगे जाना था। इसी दौरान स्टेशन परिसर में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम संदिग्ध यात्रियों और उनके सामान की जांच कर रही थी। जांच के दौरान दोनों युवकों की गतिविधियों पर जवानों को संदेह हुआ।
इसके बाद टीम ने नारकोटिक्स डॉग मैक्स की सहायता से उनके सामान की जांच कराई। मैक्स ने संदिग्ध बैग की ओर संकेत किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। वजन करने पर गांजे की मात्रा करीब 30 किलोग्राम पाई गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा ओडिशा में उन्हें किस व्यक्ति से मिला था और बिहार में इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, यात्रा विवरण और संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटा सकती हैं, ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
रेलवे स्टेशन के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ और जीआरपी द्वारा लगातार संदिग्ध यात्रियों, बैग और पार्सल की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को इसी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

