रांची। झारखंड राज्य सूचना आयोग के लंबे समय से पूरी तरह क्रियाशील नहीं होने और आयोग में लंबित हजारों मामलों की तत्काल सुनवाई शुरू कराने की मांग को लेकर हमर अधिकार मंच की ओर से राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपे गए अभ्यावेदन पर कार्रवाई शुरू हुई है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल में मंच की उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी और कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय शामिल थे।
मंच ने अपने अभ्यावेदन में झारखंड राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द कराने की मांग की है। इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18 के तहत लंबित शिकायतवादों और धारा 19(3) के तहत लंबित द्वितीय अपीलवादों की तत्काल सुनवाई शुरू कराने का आग्रह किया गया है। मंच का कहना है कि बड़ी संख्या में मामले लंबित रहने से सूचना के अधिकार के माध्यम से न्याय पाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त सूचना आयुक्तों के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल निर्धारित करने की मांग भी राज्यपाल के समक्ष रखी थी। मंच का आरोप है कि कुछ मामलों में सूचना आयुक्तों द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और संस्थागत मर्यादा का पालन नहीं किया गया है।
इसी क्रम में मंच के कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय ने पूर्व में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए निर्धारित कुर्सी पर नवनियुक्त सूचना आयुक्त तनुज खत्री के बैठने की शिकायत राज्यपाल सचिवालय से की थी। शिकायत में मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था।
इस शिकायत के आलोक में भी राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में भविष्य में सूचना आयुक्तों के पद की गरिमा और संस्थागत मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए प्रोटोकॉल संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की दिशा में अग्रेतर कार्रवाई करने का उल्लेख किया गया है।
हमर अधिकार मंच ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए सूचना आयोग में लंबित मामलों की सुनवाई शुरू कराने, मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति करने और सूचना आयुक्तों के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल निर्धारित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

