जमशेदपुर: एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित पोखारी के नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह शुक्रवार को गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी (पीके पाणी), रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह (नागेंद्र कुमार), मुजीब अशरफ, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा का प्रारंभ है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने साथ केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिक मूल्य, उत्तरदायित्व और समाज के प्रति कर्तव्यबोध लेकर जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों से अपनी शिक्षा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और सही अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए कहा कि आज का दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप और अनुसंधान का है। ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनना चाहिए। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्योगों से समन्वय, शोध को बढ़ावा देने और परिसर को पूर्णतः नशामुक्त बनाने की अपील की। साथ ही शिक्षकों से विद्यार्थियों के लिए केवल अध्यापक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत बनने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षित, सक्षम और जिम्मेदार युवा ही विकसित भारत के सपने को साकार कर सकते हैं।

