चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड के कदमडीहा गांव में मलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ‘मिशन उदय’ के तहत घर-घर जाकर बुखार सर्वे और रक्त नमूना संग्रह कर रहे दो बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीडब्ल्यू) अचानक एक मकान का छप्पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान अविनाश प्रधान और विजय सिंह हेंब्रम के रूप में हुई है। दोनों को प्राथमिक सहायता के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम कदमडीहा गांव में मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चला रही थी। इसी क्रम में दोनों स्वास्थ्यकर्मी एक ग्रामीण के घर के आंगन में बने शेड के नीचे बैठकर लोगों के रक्त के नमूने एकत्र कर रहे थे। तभी अचानक तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के दबाव से जर्जर छप्पर भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा, जिससे दोनों मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को मलबे से बाहर निकाला। घटना की सूचना गोइलकेरा की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जयश्री किरण को दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर दोनों घायलों को सदर अस्पताल, चाईबासा भेजा, जहां उनका इलाज जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कदमडीहा गांव इन दिनों मलेरिया के बढ़ते मामलों के कारण संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है। गोइलकेरा सहित जिले के छह प्रखंडों में ‘मिशन उदय’ के तहत विशेष मलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। लगातार फीवर सर्वे, रक्त जांच और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी अभियान के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा सामने आया।

