Breaking
Thu. Sep 24th, 2026

हूल दिवस पर सिद्धू-कान्हू को श्रद्धांजलि, चना-गुड़ और शरबत वितरण कर वीर शहीदों के संघर्ष को किया नमन

जमशेदपुर। हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को गोलपहाड़ी गोलचक्कर में वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सिद्धू-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने 1855 के ऐतिहासिक हूल विद्रोह के महान नायकों के अदम्य साहस, बलिदान और आदिवासी समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष राजू बेसरा ने कहा कि हूल दिवस केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कान्हू का बलिदान आज भी समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने का संदेश देता है। उन्होंने सभी लोगों को “हूल जोहार” कहते हुए वीर शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

हूल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा कार्यक्रम के तहत राहगीरों के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया। भीषण गर्मी के बीच लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में सेवा, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को हूल विद्रोह के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में चेतन मार्डी, मीडू मार्डी, वृजलाल मार्डी, तपन मंडल, राज किशोर मुखी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने सिद्धू-कान्हू के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

Related Post