जमशेदपुर। शहर के सोनारी स्थित बेल्डीह बैपटिस्ट चर्च परिसर में शनिवार की रात युवक संघ के तत्वावधान में एक भव्य धार्मिक गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने अपनी प्रतिभा और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और उड़ीसा से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिससे आयोजन को क्षेत्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई, जिसके पश्चात प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया गया। मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। प्रतिभागियों ने अपने गीतों के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को व्यक्त किया, बल्कि सामाजिक एकता, प्रेम, भाईचारे, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता का सशक्त संदेश भी दिया। कई समूहों ने पारंपरिक धुनों के साथ आधुनिक शैली का समन्वय कर प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पास्टर सुरेश धनकुमार उपस्थित रहे, जिन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनके अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में भाई मिनाज तिग्गा, भाई राजेश कच्छप एवं भाई बी. समीर कुमार शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन गीत की प्रस्तुति, संदेश की गहराई, तालमेल, संगीत संयोजन और सृजनात्मकता के आधार पर किया।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच निर्णायकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन किया, जिन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि अन्य प्रतिभागियों को भी सहभागिता प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर चर्च के वरिष्ठ सदस्यों एवं युवक संघ के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखते हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरी रात गीतों का आनंद लिया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना के साथ किया गया।

