जमशेदपुर/पोटका
पोटका प्रखंड क्षेत्र के नुआ ग्राम के साईं नगर फेज-3 में जमीन भुगतान को लेकर रविवार को एक बड़ा विवाद सामने आया है। जमीन का भुगतान नहीं मिलने से नाराज रैयतदारों के आ जेसीबी मशीन लेकर प्लॉटिंग क्षेत्र में पहुंचकर बाउंड्री को तोड़ दिया गया और जमीन पर कब्जा कर लिया गया ओर उन्होंने पूरे क्षेत्र में खेत की मेड बनाकर अपना दावा भी जताया। मामला के संबंध में बिश्वाजीत मोड़ल एवं दिलीप मोड़ल के द्वारा बताया कि नुआग्राम मौजा मैं सुधीर चंद्र मोड़ल एवं दुर्योधन मोड़ल के परिवार के बीच करीब 7 बीघा जमीन का बंटवारा होना था। बताया जा रहा है कि खाता संख्या 145 और 146 की इस जमीन में चार हिस्सेदारों के बीच बराबर बंटवारा तय था। लेकिन आरोप है कि अकीन चंद्र मोड़ल ने करीब 8 वर्ष पूर्व कोरोना काल के दौरान पूरी जमीन 62 लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी।
इसी को लेकर विश्वजीत मोड़ल और दिलीप मोड़ल ने अपनी रेयती जमीन पर कब्जा करने के लिए जेसीबी के साथ पहुंचकर रडार इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन द्वारा विकसित प्लॉटिंग को तोड़ कर कब्जा कर लिया। रैयतदारों का कहना है कि जब तक उनका पूरा भुगतान नहीं किया जाता, वे जमीन पर कब्जा नहीं छोड़ेंगे।
रैयतदारों ने आरोप लगाया कि रडार कंस्ट्रक्शन के मालिक रणवीर सिंह के साथ पहले यह सहमति बनी थी कि जमीन का बंटवारा सभी भाइयों के बीच बराबर किया जाएगा। बावजूद इसके उन्हें केवल 40 लाख रुपये ही दिए गए, जो उनके हिस्से के मुकाबले काफी कम है।
वहीं, इस मामले में रडार इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन के मालिक रणवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने जमीन मालिक अकीन चंद्र मोड़ल को 75 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है, साथ ही अन्य हिस्सेदारों को भी 40 लाख रुपये दिए गए हैं। उनका दावा है कि पूरी राशि भुगतान के बाद ही जमीन की बिक्री की गई है। उन्होंने बिना किसी नोटिस के निर्माण कार्य को तोड़े जाने को गलत बताया।
वाईट–विश्वजीत मोड़ल।
वाईट –दिलीप मोड़ल।

