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Wed. Apr 1st, 2026

माता-पिता की सेवा ही सच्चा धर्म, उनके चरणों में ही सभी तीर्थ: आचार्य राजकुमार मिश्रा

जमशेदपुर। टेल्को थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीनगर हनुमान मंदिर में आयोजित शिव कथा एवं पांच लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। प्रयागराज से पधारे प्रख्यात आचार्य पंडित राजकुमार मिश्रा ने अपने ओजस्वी प्रवचन से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

आचार्य मिश्रा ने कथा के दौरान कहा कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से करनी चाहिए, क्योंकि गणपति विघ्नहर्ता हैं और उनकी कृपा से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के महत्व को बताते हुए कहा कि विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है।

अपने प्रवचन में उन्होंने भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र गणेश व कार्तिकेय से जुड़ी एक प्रेरणादायक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि एक बार दोनों भाइयों के बीच यह विवाद हुआ कि पहले विवाह किसका होगा। तब भगवान शिव और माता पार्वती ने शर्त रखी कि जो पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा, उसी का विवाह पहले होगा। यह सुनकर कार्तिकेय जी तुरंत पृथ्वी की परिक्रमा के लिए निकल पड़े, जबकि भगवान गणेश ने स्नान कर अपने माता-पिता की सात बार परिक्रमा की और उनके सामने उपस्थित हो गए। जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि माता-पिता ही संपूर्ण जगत के समान हैं, इसलिए उनकी परिक्रमा ही पृथ्वी की परिक्रमा के बराबर है।

आचार्य मिश्रा ने इस कथा के माध्यम से वर्तमान समाज को संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में कई लोग अपने माता-पिता से दूर रहकर भौतिक सुख-सुविधाओं में लिप्त हैं और तीर्थ यात्रा को ही धर्म मानते हैं, जबकि यह सोच अधूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि माता-पिता जीवित हैं, तो उनकी सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा तीर्थ है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रतिदिन सुबह उठकर अपने माता-पिता का चरण स्पर्श करें, उनकी इच्छाओं का सम्मान करें और उनकी सेवा में तत्पर रहें। ऐसा करने से जीवन के सभी कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता की पीड़ा ही मनुष्य के दुखों का प्रमुख कारण बनती है, इसलिए उनका सम्मान और सेवा करना प्रत्येक संतान का कर्तव्य है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में युवक संघ दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, महासचिव संजय कुमार (लाल), कोषाध्यक्ष संजय कुमार कुशवाहा सहित उपाध्यक्ष सतीश कुमार, विजय कुमार, बुलबुल जी, जय चौधरी और अमन जी समेत अन्य सदस्यों ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे वातावरण में भक्ति की धारा बहती रही।

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