Breaking
Thu. Mar 26th, 2026

जमशेदपुर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति से सम्पन्न हुआ मां अन्नपूर्णा पूजा उत्सव

जमशेदपुर। चैत्र नवरात्रि के दौरान शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मां अन्नपूर्णा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मां अन्नपूर्णा को अन्न, समृद्धि और पालन-पोषण की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वयं भगवान भोलेनाथ ने भी उनसे भिक्षा ग्रहण कर संसार को अन्न के महत्व का संदेश दिया था। इसी पावन अवसर पर जमशेदपुर के बाराद्वारी स्थित मानसी भवन में गुरुवार को श्री श्री अन्नपूर्णा पूजा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। मानसी भवन के प्रधान सह अधिवक्ता रथीन्द्रनाथ दास एवं चंद्रलेखा दास ने बताया कि वर्ष 1988 से इस परिसर में मां अन्नपूर्णा की पूजा निरंतर आयोजित की जा रही है। वर्तमान में इस धार्मिक परंपरा को परिवार की तीसरी पीढ़ी पुत्र अभिषेक दास और अभिरूप दास पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ा रही है और परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग से इस आयोजन को सफल बना रही है। पूजा का शुभारंभ प्रातःकाल देवी के कलश स्थापना के साथ हुआ। इसके उपरांत विधिवत पूजन, पुष्पांजलि अर्पण, यज्ञ तथा महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। उल्लेखनीय है कि काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ मां अन्नपूर्णा की पूजा करना अत्यंत शुभ और आवश्यक माना जाता है। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ काशी धाम के निर्माता हैं, जबकि मां अन्नपूर्णा इस पवित्र धाम की अधिष्ठात्री देवी हैं।

Related Post