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सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जमशेदपुर

दिनांक: 20 मार्च, 2026

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा चैम्बर भवन में एक महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त श्री जयंत मिश्रा उपस्थित थे। इस अवसर पर आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान आयकर से संबंधित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों, प्रक्रियात्मक चुनौतियों, अनुपालन (कंप्लायंसेस) से जुड़ी समस्याओं एवं व्यवहारिक कठिनाइयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि चैम्बर अपने दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए व्यवसायियों एवं उद्यमियों के हित में कार्य करता है तथा सरकार, प्रशासन एवं कर संबंधी जटिलताओं एवं नये नियमों से सदस्यों को अवगत कराकर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम चैम्बर की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं, जिससे सदस्यों को नीति-निर्माताओं एवं वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।

सत्र का संचालन करते हुए चैम्बर के उपाध्यक्ष, वित्त एवं कराधान अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया तथा कहा कि यह कार्यक्रम करदाताओं एवं कर प्रशासन के बीच सहयोगात्मक संबंधों को और सुदृढ़ करेगा।

मुख्य अतिथि श्री जयंत मिश्रा ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर एवं झारखंड के अन्य क्षेत्रों में हवाई संपर्क (एयर कनेक्टिविटी) की कमी के कारण क्षेत्रीय विकास प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर राजस्व वृद्धि पर भी पड़ता है।

उन्होंने बताया कि नया आयकर अधिनियम 2025 पारित हो चुका है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। साथ ही, पुराने आयकर कानून के अंतर्गत लंबित मामलों एवं वाद-विवाद (लिटिगेशन) का निपटारा पूर्व अधिनियम के अनुसार ही किया जाएगा। इस प्रकार चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं एवं अधिकारियों को दोनों अधिनियमों के साथ समानांतर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि नया अधिनियम सरल एवं समझने में आसान बनाया गया है, जो माननीय वित्त मंत्री की उस सोच को दर्शाता है जिसमें करदाताओं के लिए एक सहज एवं स्पष्ट कानून प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि आयकर विभाग, चैम्बर के साथ मिलकर अप्रैल माह से नए अधिनियम पर जागरूकता हेतु सेमिनार आयोजित करेगा, जिसमें सीए, अधिवक्ता, उद्यमी, शैक्षणिक संस्थान एवं प्रोफेसर भी शामिल होंगे। उन्होंने सभी से नए अधिनियम पर सुझाव देने का भी आग्रह किया।

श्री मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में भारत में लगभग 75 करोड़ पैन धारक हैं, जिनमें से केवल 9 करोड़ ही आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, जो लगभग 12% का अनुपात है। वहीं झारखंड में यह अनुपात लगभग 4% है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि करदाता आधार बढ़ाना समग्र विकास के साथ ही संभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई करदाता अग्रिम कर (Advance Tax) का भुगतान समय पर नहीं करते और बाद में ब्याज सहित स्व-मूल्यांकन कर (Self Assessment Tax) जमा करते हैं। उन्होंने करदाताओं से अपील की कि वे सही समय पर सही कर का भुगतान करें, जिससे राज्य एवं राष्ट्र दोनों सशक्त होंगे।

उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि विवाद से विश्वास योजना (Vivad Se Vishwas Scheme) के अंतर्गत लंबित सभी आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

चैम्बर के सचिव, वित्त एवं कराधान अंशुल रिंगसिया ने कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ Ease of Doing Business को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चैम्बर के निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने सुझाव दिया कि नए आयकर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभाग द्वारा 2-3 जानकार अधिकारियों को नामित किया जाए, जो नियमित रूप से करदाताओं एवं पेशेवरों को मार्गदर्शन प्रदान करें।

कार्यक्रम के अंत में सीए अनिल अग्रवाल रिंगसिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष मानव केडिया, उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, अनिल मोदी, हर्ष बाकरेवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, सचिव अंशुल रिंगसिया, भरत मकानी, बिनोद शर्मा, सुरेश शर्मा लिपु, कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, सीए पीयूष गोयल, पवन नरेडी, सीए प्रतीक अग्रवाल, सीए जगदीश खंडेलवाल, अधिवक्ता राजेश मित्तल, सीए किशन चौधरी, सीए संजय गोयल, सीए बिनोद अग्रवाल, अधिवक्ता सतीश सिंह, अधिवक्ता पारस अग्रवाल, सीए सुगम सरायवाला, सीए आनंद अग्रवाल, सीए विनीत मेहता, सीए अक्षय जैन के अलावा सीए सोसाइटी ऑफ जमशेदपुर एवं बार एसोसिएशन के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्तागण, व्यापारी एवं उद्यमीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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