जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी से मंगलवार को बरामद सिलिंडरनुमा लोहे की वस्तु को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभ में संदिग्ध मानी जा रही यह वस्तु अब एक शक्तिशाली जिंदा बम साबित हुई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
गुरुवार को रांची से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि यह बम काफी बड़ा और अत्यंत घातक है। इसकी संरचना और स्थिति को देखते हुए इसे सामान्य प्रक्रिया से निष्क्रिय करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी, जो केवल भारतीय सेना के पास उपलब्ध है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बम मिलने वाले स्थान को पूरी तरह से सील कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आसपास के ग्रामीणों को उस क्षेत्र से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
इस घटना ने सात महीने पहले की एक समान घटना की याद दिला दी है, जब पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर थाना क्षेत्र के भरमपुर गांव के पास स्वर्णरेखा नदी में इसी तरह का बम मिला था। उस समय प्रशासन ने कोलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की मदद से बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कराया था।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन भारतीय सेना से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया में जुटा है, ताकि इस खतरनाक बम को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सके और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।

