जमशेदपुर। शहर में आगामी रामनवमी महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के 163 लाइसेंसी और 12 गैर-लाइसेंसी अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में इस वर्ष रामनवमी महोत्सव को भव्य, अनुशासित और सनातन परंपराओं के अनुरूप मनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता आशुतोष सिंह ने की। बैठक के दौरान अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने रामनवमी के आयोजन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और यह तय किया गया कि इस वर्ष पूरे शहर में रामनवमी महोत्सव गरिमा, भव्यता और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सभी आयोजन शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के साथ संपन्न हों।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित अखाड़ा समितियां अपने-अपने इलाकों से पारंपरिक ढंग से शोभायात्राएं निकालेंगी, जिनमें सनातन संस्कृति, पारंपरिक युद्धकला और धार्मिक आस्था की झलक देखने को मिलेगी। इन शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अखाड़ा के सदस्य शामिल होंगे।
केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति की ओर से यह जानकारी दी गई कि सभी अखाड़ों की संयुक्त शोभायात्रा सह विसर्जन 28 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शहर के विभिन्न मार्गों से होकर शोभायात्राएं गुजरेंगी और निर्धारित स्थानों पर उनका विसर्जन किया जाएगा।
बैठक में आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर भी जोर दिया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सभी अखाड़ा समितियां प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से रामनवमी महोत्सव का आयोजन सुनिश्चित करेंगी।

