Breaking
Sat. Mar 7th, 2026

भावना की ज्योत जगा कर देखिए, बोलती है मूर्ति बुलाकर देखिए : बाबा श्याम के शीश की पूजा-अर्चना व भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

कोडरमा ।। झुमरी तिलैया में शीश के दानी बाबा श्याम की प्रतिमा के शीश की विधिवत पूजा-अर्चना एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रस्तुत किए गए भजनों की मधुर धुनों पर श्याम भक्त भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरे वातावरण में भक्ति की सरिता बहती रही।

झुमरी तिलैया स्थित “श्याम शरण में आ जा रे” के युवा सेवदार यश बंसल के अड्डी बंगला स्थित निवास पर एक अनूठी पहल के तहत बाबा श्याम के शीश की पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम की शुरुआत गंगाजल एवं पंचामृत स्नान से हुई। आचार्य रमाकांत शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर यजमान के रूप में ममता–संजय नरेड़ी उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना में बड़ी संख्या में श्याम भक्तों ने भाग लिया।

इसके उपरांत श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में बाबा श्याम के शीश के साथ भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के लिए आकर्षक दरबार सजाया गया, जिसमें राजस्थान के त्रिदेव—बाबा श्याम, श्री राणी सती दादी जी और सालासर बालाजी—के भजनों का संगीतमय गुणगान किया गया।

भजन संध्या की शुरुआत विशाल सिंह ने गणेश वंदना से की, जिसके बाद उन्होंने हनुमान जी के भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद यश दहिमा ने “भावना की ज्योत जगा कर देखिए, बोलती है मूर्ति बुलाकर देखिए” भजन गाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं रवि दहिमा ने “कृपा बिन तेरी कुछ नहीं सांवरे”, मनोज लड्डा ने “दरबार तेरे आऊंगा, तेरी भक्ति में रम जाऊंगा”, सत्यम कुमार ने “दर-दर भटकने वाले बाबा से दिल लगा ले”, गिरधारी सोमानी ने “सारे जग में डंका बाज रहा” तथा संगीता जेठवा ने “मांगा है मैंने श्याम से वरदान एक ही” भजन प्रस्तुत कर भक्तों को भक्ति के सागर में डुबो दिया।

कार्यक्रम का आयोजन “श्याम शरण में आ जा रे” एवं “श्याम मित्र मंडल” के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। इस दौरान बाबा श्याम की प्रतिमा बनाने वाले कला वाले हाथ बंटी कुमार को सम्मानित किया गया । इस मौके पर विमल पचासिया, अरविन्द चौधरी, संतोष लड्डा, संजू पिलानिया, नितेश अग्रवाल, अजय शर्मा, आयुष पोद्दार, विष्णु चौधरी, कदम सर्राफ, रंजीत चौधरी, अश्विनी राजगढ़िया, चन्द्रशेखर जोशी, विनोद भदानी, संजय झा, मनोज जोशी, विवेक कुमार, अश्विनी कुमार तिवारी, अनन्या कालरा, अनुराग हिसारिया, प्रमोद जायसवाल, ज्योतिष कुमार, अनिमेष आनन्द, शुभम कुमार, कुणाल कुमार, दीपेश जेठवा, ब्रिज मोहन महेश्वरी, पप्पू सिंह, नवनीत ओझा, उमंग कन्दोई , विनोद कुमार तर्वे, श्याम सुन्दर शर्मा, प्रवीण जोशी, संजय सूद, मधु सिंह, नीना सुखानी, राज महेश्वरी, प्रियंका ओझा, रानी कुमारी, रुचिका बंसल, दीपाली भदानी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।

वहीं साज पर विशाल कपसीमे, रजनीश झा और शुभम कुमार ने संगत देकर भजनों को और भी मधुर बना दिया। कार्यक्रम के अंत में श्याम शरण की ओर से सभी कलाकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने बताया कि कलियुग में बाबा श्याम की महिमा दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और अब घर-घर में उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी। अब तक रामगढ़, धनबाद, रानीगंज और आसनसोल जैसे शहरों से बाबा के शीश को मंगाकर पूजा की जाती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था झुमरी तिलैया में भी उपलब्ध हो गई है। इससे श्याम भक्त अपने घर या दरबार में बाबा का श्रृंगार एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

Related Post