जमशेदपुर। सैयद अली खामेनई की मौत की खबर के बाद शहर में आक्रोश का माहौल देखा गया। रविवार रात मुस्लिम समाज की महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला और घटना के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की।
शाम करीब साढ़े सात बजे मानगो चौक से महिलाओं का जुलूस ऐनी हुसैन और तहज़ीब रिज़वी के नेतृत्व में निकला, जबकि शास्त्री नगर क्षेत्र से रईस रिज़वी और मून रिज़वी के नेतृत्व में दूसरा समूह रवाना हुआ। दोनों जुलूस आगे बढ़ते हुए साकची गोलचक्कर पर एकत्रित हुए, जहां प्रदर्शनकारियों ने मोमबत्तियां जलाकर शोक व्यक्त किया और अमेरिका तथा इज़रायल के खिलाफ नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए एक मस्जिद के पेश इमाम मौलाना जकी हैदर ने कहा कि खामेनई की शहादत से ईरान की ताकत कमजोर नहीं होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और अंततः सच्चाई की जीत होगी। उन्होंने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी एकजुटता दिखाने की अपील की।
प्रदर्शन में शामिल ऐनी हुसैन ने कहा कि ईरान परमाणु ऊर्जा का उपयोग शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए करता रहा है और उस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उनका कहना था कि वैश्विक ताकतें परमाणु हथियारों के नाम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाना चाहिए। बाबर खान ने भी मंच से अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि एकतरफा दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
हुसैनी मिशन के बैनर तले आयोजित इस कैंडल मार्च में मुनीर हसन, कमर हैदर, राशिद रिज़वी, मोहम्मद राशिद, इनाम अब्बास, आशकार हुसैन समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

