राज्य में दाखिल-खारिज (नामांतरण) की ऑनलाइन प्रक्रिया बाधित होने का मामला सदन में गूंजा। पोटका विधायक संजीव सरदार ने शून्यकाल के दौरान इस गंभीर समस्या को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि विगत तीन महीनों से नामांतरण से संबंधित आवेदन प्रज्ञा केंद्रों एवं आवेदकों द्वारा ऑनलाइन नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*लंबित नामांतरण से बढ़ी परेशानी*
विधायक संजीव सरदार ने सदन में बताया कि पूर्व में किए गए खरीद-बिक्री से संबंधित नामांतरण लंबित रहने के कारण नई ऑनलाइन प्रविष्टि संभव नहीं हो पा रही है। इससे जमीन से जुड़े मामलों में अड़चन उत्पन्न हो रही है और आम लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या व्यापक स्तर पर नागरिकों को प्रभावित कर रही है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
*सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग*
विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि नामांतरण की ऑनलाइन व्यवस्था को अविलंब सुचारू किया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल ऑनलाइन प्रणाली आम जनता के हित में है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं रहनी चाहिए।

